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| Pt. Rajesh Kumar Sharma At The only Hindu Temple in Taliban Estate Afghanistan |
तालिबान जैसे कट्टर इस्लामिक संगठन ने पूरे अफगानिस्तान पर कब्ज़ा कर लिया है और वहाँ के लोग देश छोड़ने को तरस रहे है, आतंकवादियों से अपनी जान बचाने में लगे हुए है। इसी बीच वहाँ के एकमात्र हिन्दू ब्राह्मण पंडित राजेश कुमार शर्मा ने भारत आने के प्रस्ताव को ठुकराते हुए मंदिर की रक्षा का दायित्व उठाए रखा और निडर होकर तालिबान से लड़ने का फैसला किया।
आपको बता दें कि काबुल पर ताबिलान (Taliban enter Afghan capital ) के कब्जे के बाद पुजारी पं राजेश कुमार शर्मा ने कहा है कि
कुछ हिंदुओं ने मुझसे काबुल छोड़ने का आग्रह किया और मेरी यात्रा और ठहरने की व्यवस्था करने की पेशकश की, लेकिन मेरे पूर्वजों ने सैकड़ों वर्षों तक इस मंदिर की सेवा की है, मैं इसे नहीं छोड़ूंगा और अपना ब्राह्मण धर्म निडरता के साथ निभाऊंगा, अगर तालिबान मुझे मारता है, तो मैं इसे अपनी सेवा मानूँगा लेकिन माँ और महादेव का वैभव कम नही होने दूंगा।"
विप्र सेना प्रमुख सुनील तिवारी ने भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि काबुल में रत्ननाथ मंदिर (Rattan Nath Temple Kabul) के पुजारी राजेश कुमार शर्मा को भारत लाया जाए। पुजारी (Pujari Rajesh Kumar Sharma Kabul) को भारत लाने का जितना भी खर्चा होगा वह रुपए विप्र सेना देने को तैयार है। इसके लिए उन्होंने इस संबंध में संबंधित भारत सरकार के मंत्रालय को मेल द्वारा सूचित किया है।
उन्होंने कहा कि पुजारी के भारत आने के बाद उनके लिए यहां पर एक मंदिर की स्थापना की जाएगी, जिससे उनका जीवन यापन सही से हो। मंदिर निर्माण में जो भी समय लगेगा उस दौरान राजेश शर्मा समस्त प्रकार की सुविधाएं निशुल्क विप्र सेना के द्वारा दी जाएगी।
