महान ब्राह्मण विद्वान Prof. Kapilmuni Tiwari जी

कृपया पूरा पढ़े
Please read this Full Article




1) एक विद्वान , प्रखर और अद्भुत प्रतिभाशाली व्यक्ति जिनका परिचय अपने आप में सूर्य के प्रकाश के सामान होगा । बक्सर का एक गाँव नैनीज़ोर जिसका नामकरण हीं इस गाँव के ज़ोर (ताकत )क़ो दर्शाता है , इस गाँव क़ो क्षेत्र में लड़ाका गाँव के नाम से अंग्रेजों के समय से हीं माना जाता है।


2) "नैनीज़ोर के तिवारी , किसी से न दबीहन "क़ा मुहावरा काफ़ी प्रचलित है । इस गाँव ने कई फौजी , वकील दिए हैं , किंतु सबसे बड़ी बात इस गाँव ने विश्वविख्यात विद्वान ~कपिलमुनी तिवारी क़ो जन्म दिया था ,प्रो. तिवारी शांडिल्य गोत्रीय, दीग्वैत >दिगविज मुल सामान्य


3) भूमिहार ब्राह्मण परिवार में हुए थें । पेनसिलवेनिया, पटना और यमन विश्वविद्यालय से सम्बद्ध प्रो तिवारी आधुनिक भाषाशास्त्रियों में संस्कृत के साथ अरबी के ज्ञान के लिए विश्वविख्यात रहे। प्राचीन भारतीय वैयाकरणों के वार्तिकों के ज्ञाता महापंडित तिवारी प्राकृत भाषा के भी उद्भट विद्वान थे। 



4)पाणिनि व्याकरण का ध्वनिशास्त्रीय अध्ययन इनके अपूर्व योगदान का स्तम्भ माना जाता है । अंग्रेजी व यूरोपियन काव्यशास्त्र के अध्ययन में भी वे वृहण्हस्ताक्षर थे। एशियाई भाषाओं के वे सबसे बड़े भाषाविज्ञानी माने जाते रहे।



5)इनका सुदीक्ष्णपाण्डित्य और भारतीय वांग्मय का ज्ञान सर्वदा वंदनीय रहेगा। इनके द्वारा ही संस्कृत अरबी. भाषाकोष का निर्माण भी किया गया । (आनंद वर्धन सर द्वारा जानकारी प्राप्त ) प्रो तिवारी अब हमारे बीच नहीं रहें किंतु उनका योगदान अतुलनीय और अस्मरणीय है ।



श्रधासुमन