अमर क्रन्तिकारी चौo शिवचरण सिंह त्यागी जिन्होंने इस्लाम ग्रहण कर चुके गाँधी के बेटे को फिर से हिन्दू बनाया था

अमर क्रांतिकारी चौधरी शिवचरण सिंह त्यागी -




बिजनौर - मुरादाबाद मार्ग का गांव पैजनियां देश के महान क्रांतिकारियों की शरण स्थली रहा है। पैजनियां की धरा पर जन्मे क्रांतिकारी शिवचरण सिंह त्यागी ने विदेशों तक से हथियार लाकर क्रांतिकारियों को दिए। आजादी की लड़ाई में योगदान के लिए पैजनियां पूरे देश में जाना पहचाना नाम हो गया है । प्रदेश सरकार ने यहां शहीद स्मारक का निर्माण कराया। हालांकि शहीद स्मारक तो बन गया किंतु राष्ट्रीय पर्व पर कोई आकर यहां दो फूल तक नहीं चढ़ाता।

चौधरी शिवचरण सिंह त्यागी

चौधरी शिवचरण त्यागी जी का परिचय


पैजनियां में शिवचरण सिंह त्यागी ऐसे क्रांतिकारी रहे जिन्होंने देश के प्रति किए किसी कार्य के बदले सरकार से कोई सुविधा नहीं स्वीकारी। पेंशन तक की सुविधा नहीं ली। शिवचरण त्यागी का जन्म पैंजनियां के चौधरी गंगा सहाय जी के यहां 13 फरवरी 1897 में हुआ। ये जमीदार परिवार से थे। इनके नवासे जनपद के प्रसिद्ध साहित्यकार भोला नाथ त्यागी के अनुसार इन्होंने अपनी हल्दौर, चांदपुर और मुरादाबाद में उर्दू, अंग्रेजी, फारसी और हिंदी का अध्ययन किया। भाई परमानंद, लाला लाजपत राय और गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रेरणा से वे क्रांतिकारियों के रास्ते पर चल पड़े।



देेश भर में क्रांतिकारियों को शस्त्र सप्लाई करे

अमर क्रांतिकारी चौo शिवचरण सिंह त्यागी जी देेश भर में क्रांतिकारियों को शस्त्र सप्लाई करने में लगे रहे। अफगानिस्तान, श्रीलंका और तिब्बत की भी इसलिए यात्राएं कीं। उस समय शस्त्र सप्लाई करना बहुत खतरे का कार्य था किंतु ये बेझिझक लगे रहे। गणेश शंकर विद्यार्थी की सलाह पर से महात्मा गांधी के भी नजदीक आए।

अप्पाराव (महाराष्ट्र) , रामसिंह और चुन्नी लाला (पंजाब) , अशफाक उल्ला खां को अपने गांव पैजनियां में शरण दी। अप्पाराव ने महाराष्ट्र में किसी अंग्रेज अफसर पर बम फेंका था। बड़ोदा के महाराजा ने अप्पाराव को पैजनियां भिजवाया था। इन क्रांतिकारियों ने यहां अज्ञातवास किया। प्रदेश सरकर ने क्रांतिकारियों के रुकने के स्थल पर एक शहीद स्मारक बनवाया। विख्यात पत्रकार बनारसीदास चतुर्वेदी ने लिखा है कि ग्राम पैजनिंया तो एक तीर्थस्थान है। भाई शिवचरण सिंह ने इसे महातीर्थ बना दिया। इसका गुुणगान किया जाना चाहिए।




इस्लाम ग्रहण कर चुके गाँधी के बेटे को फिर से हिन्दू बनाया था तगा चौधरी साहब ने -




भोलानाथ त्यागी बताते हैं कि गांधी के एक पुत्र हीरालाल धर्मांतरण कर मुस्लिम बन गए थे। कस्तूरबा और जमनालाल बजाज के निर्देश पर शिवचरण सिंह त्यागी ने उन्हें पुन: हिंदू धर्म ग्रहण कराया। हालांकि बाद में वह फिर मुस्लिम हो गए। अपने गांव में शिवचरन सिंह त्यागी का 25 फरवरी 1985 को निधन हुआ।




सत्ता मोह से थे दूर


भोलानाथ त्यागी कहते हैं कि उनके नाना शिवचरण सिंह सत्ता मोह से बहुत दूर रहे। आजीवन सरकार से मिलने वाली किसी सुविधा केे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। आजीवन वे समाज सुधार, शिक्षा प्रसार में लगे रहे। हिंदी साहित्यकार और तुलनात्मक आलोचना के जनक पंडित पद्मसिंह शर्मा की स्मृति में पैजनियां गांव में पद्मसिंह शर्मा ग्रामोत्थान विद्यालय की स्थापना की ।




शहीद स्मारक की हालत बेहद दयनीय


शहीद स्मारक की हालत बेहद दयनीय । गांव पैजनियां में स्थित पंडित पद्म सिंह शर्मा ग्रामोत्थान विद्यालय के परिसर में कई वर्ष पुराना शहीद स्मारक बना है। जहाँ देश को आजाद कराने के लिए अशफाक उल्ला खां, अप्पा राव, राजेंद्र लाहिड़ी, अवनीकांत मुखर्जी रुके थे। मोहल्लवासियों के अनुसार इस शहीद स्मारक की साफ-सफाई नहीं होती और न ही इसकी कोई देखभाल करता है । इस शहीद स्मारक पर पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। चोरों और घास खड़ी है और गंदगी बनी है। मोहल्लवासियों ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कुछ लोग इस शहीद स्मारक पर चारों लगी रेलिंग के कुछ हिस्से व पत्थर भी उखाड़कर ले गए। 22 दिसंबर 2018 से जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद से आज तक किसी ने सुध नहीं ली। प्रधानपति देवेंद्र त्यागी ने बताया कि यहां की देखरेख के लिए कोई तैनात नहीं है। कोई सफाई प्रशासन की और से नहीं होती। कोई अधिकारी कभी नहीं आता। यहां कोई कार्यक्रम भी नहीं होता ।








चौधरी शिवचरण साहब के मूल गांव पैजानिया स्थित स्मारक







Paper Cut Photo - संध्या दैनिक, बिजनौर


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